Watch मात्र 5 रुपए में घर में बनाएँ तीन लीटर दूध, पनीर और दही भी || Make milk in home in New Channel | Channify
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#soyamilk #soyapaner #soyabean बाज़ार में इस समय नकली और मिलावटी दूध की भरमार है। भारत में दूध का उत्पादन इतना नहीं है जितनी उसकी खपत होती है। ऐसे में नकली दूध बना कर मांग की भरपाई की जाती है। नकली दूध आपकी और बच्चों की सेहत पर बूरा असर डालते हैं। तो क्यों न दूध के विकल्प की तलाश की जाए। प्रकृति ने गाय बैंस के दूध का विकल्प दिया है जो की मालवा में बहुतायत से होता है। यह है सोयाबीन जो की प्रोटीन से भरपूर होता है। सोयाबीन के दूध में एक ऐसा प्रोटीन पाया जाता है जो गाय बैंस के दूध में होता है इसे कैसिन कहते हैं। इस प्रोटीन की वजह से इसका दूध बना कर पीया जा सकता है यही नहीं उससे चाय, दही और पनीर(टोफू) भी बनाया जा सकता है। इस विडियो के हम आपको बताएंगे सोयाबीन का दूध कैसे बनाई जाता है और उस दूध से पनीर, दही, हलवा और यहां तक कि भजिए भी बनाए जा सकते हैं। मध्यप्रदेश के देवास स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में ग्रामीण महिलाओं को इस प्रकार के सोया दूध बनाने की ट्रेनिंग दी जाती है। इस ट्रेनिंग में कृषि विज्ञान केंद्र की टेक्निकल अधिकारी मोनी सिंह ने दूध और पनीर बनाने की विधि बताई। मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर सोयाबीन की खेती होती है सोयाबीन में 42% प्रोटीन की मात्रा होती है जो कि कुपोषण से लड़ने के लिए सबसे उत्तम है। बाजार में मिलने वाला दूध मिलावटी और कई बार तो भी नकली होता है। 40 से 50 रुपए में मिलने वाला दूध कई बार आपकी सेहत खराब कर देता है। सोयाबीन के दूध में प्रोटीन होता है और उसे दूध के अन्य प्रोडक्ट और दही भी बनाया जा सकता हैं। सबसे पहले सोया मिल्क बनाया जाता है फिर उसके बाय प्रोडक्ट बनाए जाते हैं। तीन लीटर सोया दूध को बनाने की लागत मात्र ₹5 आती है। पनीर और दही ठीक उसी प्रकार से बनाया जाता है जैसे गाय भैंस के दूध से बनाया जाता है। गाय भैंस के दूध की तरह सोयामिल्क में भी कैसिन नाम का प्रोटीन होता है जो उसे दूध की तरह बनाता है। इसलिए सोयादूध फाड़ा जा सकता है उसका पनीर बनाया जा सकता है और यहाँ तक की दही भी जमाया जा सकता है। स्वाद भी दूध की तरह होता है। दूध बनाने की विधि में निकलने वाले ओकरा से मीठा हलवा और भजिए भी बनाए जा सकते हैं। घरों में सोयाबीन के इस प्रकार के इस्तेमाल से बच्चों की प्रोटीन की आवश्यकता पूरी हो जाती है। इसलिए भारतीय घरों में सोयाबीन के दूध का इस्तेमाल अब बड़े पानी पैमाने पर होने लगा है। तो आपको इंतजार किसका है दिखिए विधि और बनाइए सोयामिल्क। साभार कृषि विज्ञान केंद्र देवास मध्यप्रदेश -------------------------------- Visit https://meramp.com Visit https://dewaslive.com for more news and info Join us on facebook https://www.facebook.com/DewasLiveNews/ and https://www.facebook.com/timeshindi/ Join us on youtube https://www.youtube.com/user/timeshindi Join us on twitter https://twitter.com/DewasLive and https://twitter.com/timeshindi